कोरोनावायरस : मोबाइल फोन की स्क्रीन भी साफ रखना जरूरी, जानें बचाव के ये उपाय
कोरोना वायरस को लेकर जहां पूरी दुनिया में हंगामा मचा हुआ है। वहीं देश की राजधानी दिल्ली में भी एक पीड़ित मरीज सामने आया है। हालांकि सरकार का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है। ऐसे में दिल्ली के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए अमर उजाला के पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। डॉक्टरों का कहना है कि मोबाइल से भी संक्रमण का खतरा है। इसलिए मोबाइल स्क्रीन को साफ करते रहें क्योंकि इस पर बार-बार हाथ लगते हैं। फिर मोबाइल दिन में कई बार हमारे मुंह और कान के संपर्क में आता है।
साकेत स्थित मैक्स अस्पताल के डॉ. विवेका कुमार ने बताया कि सबसे ज्यादा ध्यान इस बात पर भी देना है कि जो लोग छींक रहे हैं उनसे भी आपको दूरी बनाकर रखनी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में इस पर एक बार फिर से सभी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दरअसल सर्दी जुकाम से मिलते जुलते लक्षण कोरोना वायरस के भी होते हैं, ऐसे में जब कोई आपके आस-पास छींक रहा हो तो उससे दूर हट जाएं और अपने मुंह को ढकने की कोशिश करें। उन्होंने ये भी बताया कि दिल के रोगियों को खासतौर पर सतर्क रहने की जरूरत है। जिन रोगियों की हार्ट सर्जरी या स्टेंट इत्यादि लगा हुआ है, उन्हें भी सावधानी रखनी चाहिए।
सफदरजंग अस्पताल के डॉ. जुगल किशोर ने बताया कि कोशिश करें कि पूरी तरह से अंडे और मांस से दूरी बना लें। हम दरवाजे और खिड़कियों को खुला रखकर ताजी हवा में सांस लें। इसके अलावा किसी भी मार्केट के आस-पास से न गुजरें जहां मांस बिक रहा हो और इनकी बदबू फैली हो।
इन बातों का जरूर रखें ध्यान :
अपने हाथों को बार-बार धोएं।
एक दूसरे से दूरी बनाए रखें।
अपनी आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
खांसते या छींकते समय टिश्यू या रुमाल का इस्तेमाल करें।
बुखार या सांस लेने में दिक्कत होने पर तत्काल डॉक्टर से सलाह लें।
डॉक्टर के बताए परहेज और उपचार का पालन करें।
कोरोनावायरस से निपटने के लिए रेलवे अस्पताल भी तैयार
कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए रेलवे का स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। नई दिल्ली स्थित उत्तर रेलवे के केंद्रीय अस्पताल ने भी इस वायरस से निपटने की तैयारी कर ली है। कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल में एक अलग वार्ड तैयार किया गया है। यहां के चिकित्सा सहायकों को रक्षात्मक डिस्पोजेबल ड्रेस किट उपलब्ध कराई गई है।
डॉक्टरों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा रेलवे कॉलोनियों, क्लबों, हेल्थ यूनिटों और बारात घरों में इस वायरस के लक्षण और बचाव के बारे में जन साधारण को जागरूक भी करने की योजना तैयार की गई है। किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण पाए जाते हैं तो वह तुरंत समीप की हेल्थ यूनिट व अस्पताल से संपर्क कर सकता है। रेलवे के अस्पतालों ने एक एडवाइजरी भी जारी की है। इसमें क्या करें और क्या ना करें, यह बताया गया है।
केंद्रीय अस्पताल के मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. एमबी शंखवार के अनुसार अस्पताल के आपातकालीन विभाग में एक नई एक्स-रे मशीन और आपातकालीन ऑपरेशन थियेटर का शुभारंभ किया गया है। आपातकालीन प्रयोगशाला, आयुष्मान भारत काउंटर, आपातकालीन वार्ड और ओपीडी परिसर को भी कोरोना वायरस को लेकर तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
क्या करें :
खांसने और छींकने के दौरान नाक व मुंह को कपड़े अथवा रूमाल से अवश्य ढकें।
हाथों को साबुन व पानी से नियमित धोएं।
भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
फ्लू से संक्रमित व्यक्ति से एक हाथ तक की दूरी बनाए रखें।
पर्याप्त नींद और आराम लें। पर्याप्त मात्रा में पानी/तरल पदार्थ पिए और पोषक आहार खाएं।
फ्लू से संक्रमण का संदेह हो तो चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।
क्या ना करें :
गंदे हाथों से आंख, नाक व मुंह को छूना।
किसी को मिलने के दौरान गले लगना, चूमना या हाथ मिलाना।
सार्वजनिक स्थानों पर थूकना।
बिना चिकित्सक के परामर्श के दवाएं लेना।
इस्तेमाल किए हुए नेपकिन, टिशू पेपर इत्यादि खुले में फेंकना।
फ्लू वायरस से दूषित सतहों का स्पर्श (रेलिंग, दरवाजे)
सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करना।
अनावश्यक एच 1 एन 1 की जांच करवाना।
कोरोना वायरस: घर आए टीम तो घबराएं नहीं, सहयोग करें
राजधानी में कोरोना वायरस से ग्रस्त मरीज की पुष्टि होने के अगले ही दिन चिकित्सीय टीमों ने नोएडा और दिल्ली के हयात होटल में जाकर लोगों की जांच की। इस बीच कई तरह की अफवाहें भी सामने आईं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इनका खंडन करते हुए लोगों से अपील की है कि मेडिकल टीम अपना काम कर रही है। सब कुछ नियंत्रण में है। अगर आपके घर के आसपास कोई टीम आती भी है तो घबराने की जरूरत नहीं है, उसका सहयोग करें।
मंत्रालय के एक संयुक्त निदेशक ने बताया कि कोरोना वायरस भारत में नियंत्रण की स्थिति में है। दिल्ली में एक केस जरूर मिला है लेकिन उसकी हालत स्थिर है। कोरोना वायरस और स्वाइन फ्लू जैसे रोगों की रोकथाम को लेकर सरकार के पास दो विकल्प होते हैं। पहला विकल्प प्रभावित मरीजों को तत्काल आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करना होता है। दूसरा विकल्प उक्त मरीज के घर, ऑफिस इत्यादि के आसपास ये देखना होता है कि कोई और तो इससे प्रभावित नहीं है।
साकेत स्थित मैक्स अस्पताल के डॉ. विवेका कुमार ने बताया कि सबसे ज्यादा ध्यान इस बात पर भी देना है कि जो लोग छींक रहे हैं उनसे भी आपको दूरी बनाकर रखनी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में इस पर एक बार फिर से सभी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दरअसल सर्दी जुकाम से मिलते जुलते लक्षण कोरोना वायरस के भी होते हैं, ऐसे में जब कोई आपके आस-पास छींक रहा हो तो उससे दूर हट जाएं और अपने मुंह को ढकने की कोशिश करें। उन्होंने ये भी बताया कि दिल के रोगियों को खासतौर पर सतर्क रहने की जरूरत है। जिन रोगियों की हार्ट सर्जरी या स्टेंट इत्यादि लगा हुआ है, उन्हें भी सावधानी रखनी चाहिए।
सफदरजंग अस्पताल के डॉ. जुगल किशोर ने बताया कि कोशिश करें कि पूरी तरह से अंडे और मांस से दूरी बना लें। हम दरवाजे और खिड़कियों को खुला रखकर ताजी हवा में सांस लें। इसके अलावा किसी भी मार्केट के आस-पास से न गुजरें जहां मांस बिक रहा हो और इनकी बदबू फैली हो।
इन बातों का जरूर रखें ध्यान :
अपने हाथों को बार-बार धोएं।
एक दूसरे से दूरी बनाए रखें।
अपनी आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
खांसते या छींकते समय टिश्यू या रुमाल का इस्तेमाल करें।
बुखार या सांस लेने में दिक्कत होने पर तत्काल डॉक्टर से सलाह लें।
डॉक्टर के बताए परहेज और उपचार का पालन करें।
कोरोनावायरस से निपटने के लिए रेलवे अस्पताल भी तैयार
कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए रेलवे का स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। नई दिल्ली स्थित उत्तर रेलवे के केंद्रीय अस्पताल ने भी इस वायरस से निपटने की तैयारी कर ली है। कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल में एक अलग वार्ड तैयार किया गया है। यहां के चिकित्सा सहायकों को रक्षात्मक डिस्पोजेबल ड्रेस किट उपलब्ध कराई गई है।
डॉक्टरों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा रेलवे कॉलोनियों, क्लबों, हेल्थ यूनिटों और बारात घरों में इस वायरस के लक्षण और बचाव के बारे में जन साधारण को जागरूक भी करने की योजना तैयार की गई है। किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण पाए जाते हैं तो वह तुरंत समीप की हेल्थ यूनिट व अस्पताल से संपर्क कर सकता है। रेलवे के अस्पतालों ने एक एडवाइजरी भी जारी की है। इसमें क्या करें और क्या ना करें, यह बताया गया है।
केंद्रीय अस्पताल के मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. एमबी शंखवार के अनुसार अस्पताल के आपातकालीन विभाग में एक नई एक्स-रे मशीन और आपातकालीन ऑपरेशन थियेटर का शुभारंभ किया गया है। आपातकालीन प्रयोगशाला, आयुष्मान भारत काउंटर, आपातकालीन वार्ड और ओपीडी परिसर को भी कोरोना वायरस को लेकर तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
क्या करें :
खांसने और छींकने के दौरान नाक व मुंह को कपड़े अथवा रूमाल से अवश्य ढकें।
हाथों को साबुन व पानी से नियमित धोएं।
भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
फ्लू से संक्रमित व्यक्ति से एक हाथ तक की दूरी बनाए रखें।
पर्याप्त नींद और आराम लें। पर्याप्त मात्रा में पानी/तरल पदार्थ पिए और पोषक आहार खाएं।
फ्लू से संक्रमण का संदेह हो तो चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।
क्या ना करें :
गंदे हाथों से आंख, नाक व मुंह को छूना।
किसी को मिलने के दौरान गले लगना, चूमना या हाथ मिलाना।
सार्वजनिक स्थानों पर थूकना।
बिना चिकित्सक के परामर्श के दवाएं लेना।
इस्तेमाल किए हुए नेपकिन, टिशू पेपर इत्यादि खुले में फेंकना।
फ्लू वायरस से दूषित सतहों का स्पर्श (रेलिंग, दरवाजे)
सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करना।
अनावश्यक एच 1 एन 1 की जांच करवाना।
कोरोना वायरस: घर आए टीम तो घबराएं नहीं, सहयोग करें
राजधानी में कोरोना वायरस से ग्रस्त मरीज की पुष्टि होने के अगले ही दिन चिकित्सीय टीमों ने नोएडा और दिल्ली के हयात होटल में जाकर लोगों की जांच की। इस बीच कई तरह की अफवाहें भी सामने आईं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इनका खंडन करते हुए लोगों से अपील की है कि मेडिकल टीम अपना काम कर रही है। सब कुछ नियंत्रण में है। अगर आपके घर के आसपास कोई टीम आती भी है तो घबराने की जरूरत नहीं है, उसका सहयोग करें।
मंत्रालय के एक संयुक्त निदेशक ने बताया कि कोरोना वायरस भारत में नियंत्रण की स्थिति में है। दिल्ली में एक केस जरूर मिला है लेकिन उसकी हालत स्थिर है। कोरोना वायरस और स्वाइन फ्लू जैसे रोगों की रोकथाम को लेकर सरकार के पास दो विकल्प होते हैं। पहला विकल्प प्रभावित मरीजों को तत्काल आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करना होता है। दूसरा विकल्प उक्त मरीज के घर, ऑफिस इत्यादि के आसपास ये देखना होता है कि कोई और तो इससे प्रभावित नहीं है।


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