भिवाड़ी: 2 दिन में 60 से अधिक नए केस, कंटेनमेंट जोन में की जा रही सख्ती भी काम नहीं आई

2 सप्ताह के कंटेनमेंट के बावजूद 1 ही दिन में इतने मामलों से प्रशासन चिंतित


इलाके में कोरोना वायरस की चेन को तोडऩे के लिए कंटेनमेंट जोन बनाकर दो सप्ताह के लिए बंद किए गए बाजारों के बाद भी गुरुवार को सामने आए 48 मरीजों ने प्रशासन को फिर से सकते में डाल दिया है। गुरुवार और शुक्रवार सुबह तक कोरोना केसों की संख्या 67 पहुंच गई थी। कंटेनमेंट जोन बनाकर भिवाड़ी में बाजार बंद करने के बाद ऐसा पहली बार हुआ जब कोरोना केस इतनी संख्या में सामने आए।


पिछले कुछ दिन से आ रही रिपोर्ट से प्रशासन और मेडिकल विभाग भिवाड़ी के लिए अच्छे संकेत मानकर कुछ राहत महसूस करने लगा था लेकिन अचानक फिर से तेजी ने सभी को सकते में डाल दिया है।भिवाड़ी सहित आसपास के इलाके में कोरोना के बढ़ते प्रभाव को कम करने और संक्रमण की चेन को तोडऩे के लिए छह अगस्त से 19 अगस्त तक दो सप्ताह के लिए कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया था।


जिसमें पूरे बाजार को बंद कर केवल आवश्यक सामान की दुकानों को ही सुबह सात से 11 बजे तक की अनुमति दी गई थी। यह कवायद इसलिए थी कि भिवाड़ी में बढ़ते कोरोना के मामलों की रफ्तार को थामा जा सके। इस कवायद के शुरुआती दिनों में सैंपलों की रिपोर्ट भी सभी के लिए उत्साहजनक आईं।


भिवाड़ी में पहले एक दिन में आ रहे 50 से 100 केसों की अपेक्षा यह आंकड़ा 10 से 20 पर सिमटता दिखा। लेकिन गुरुवार और शुक्रवार सुबह तक की रिपोर्ट में भिवाड़ी में 67 केस आने से प्रशासन सकते में है। अब भिवाड़ी में पॉजिटिव केसों का आंकड़ा 1571 पर पहुंच गया है। इनमें से एक्टिव केस भी 250 से अधिक हैं।


500 सैंपलों का आंकड़ा नहीं छू पाए

जिला कलेक्टर आनंदी की मंशा थी कि भिवाड़ी में नियमित तौर पर 500 सैंपल तो लिए ही जाए। लेकिन तमाम कवायदों के बाद भी भिवाड़ी इस आंकड़ों को छू नहीं सका। इन आदेशों के बाद शुरुआत में काफी प्रयास भी हुए लेकिन इन दिनों सैंपलों की संख्या में भी पहले की अपेक्षा कमी दर्ज की जा रही है।


इसके पीछे विभाग का तर्क है कि लोग भी अब कोरोना की जांच कराने में आनाकानी करने लगे हैं। ऐसे में सैंपलिंग के लिए लोग तलाशना भी विभाग के लिए चैंलेंजिंग होता जा रहा है।

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